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महात्मा नाथूराम के बलिदान दिवस पर शत शत नमन, देश बचा गए नाथूराम

महानतम देशभक्त महात्मा नाथूराम गोडसे का आज है बलिदान दिवस 



आज ही के दिन महात्मा नाथूराम को गांधीवध के कारण 15 नवम्बर 1949 को फांसी पर लटकाया दिया गया था 

महात्मा नाथूराम ने देश को 3 हिस्सों में तोड़ने और फिर से पूर्वी पाकिस्तान से पश्चिमी पाकिस्तान तक रास्ता बनाने की मंशा के कारण गाँधी का वध किया 

बता दें की पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान बनाया गया था 
गाँधी ने सेकुलरिज्म के चक्कर में जिहादियों की बात को माना, जिसमे जिहादी चाह रहे थे की 
पूर्वी पाकिस्तान से लेकर पश्चिमी पाकिस्तान तक जाने के लिए भारत के बीचों बीच 20 किलोमीटर चौड़ा रास्ता दिया जाये 

और इस रस्ते में केवल मुसलमानो को ही रहने की इज़ाज़त दी जाए ताकि ये रास्ता पूर्वी पाकिस्तान से पश्चिमी पाकिस्तान तक आने जाने के लिए मुसलमानो के लिए सुरक्षित रहे 
गाँधी मुसलमानो की इस मांग को भी मानने और वार्ता के लिए पश्चिमी पाकिस्तान जाने वाला था पर उस से पहले महात्मा नाथूराम ने गांधीवध कर दिया और देश को बचा लिया

महात्मा नाथूराम गोडसे न होते तो कुछ ऐसा नक्शा होता भारत का 


ये जो पीली लाइन आप देख रहे है वो, 20 किलोमीटर चौड़ा रास्ता है, जो पूर्वी पाकिस्तान से पश्चिमी पाकिस्तान तक जाना था, और इस 20 किलोमीटर में केवल मुस्लिम ही रह सकते थे 
ये रास्ता  पंजाब/राजस्थान से होता हुआ यूपी फिर बिहार, फिर बंगाल और अन्य में पूर्वी पाकिस्तान तक जाना था 

महात्मा नाथूराम न होते तो आज देश ऐसा होता 

महात्मा नाथूराम ने अपने प्राणों की चिंता नहीं की, उन्होंने देश को और बर्बाद होने से बचाने के लिए गाँधीवध किया और गिरफ़्तारी दी, वो फरार नहीं हुए उन्होंने गाँधी को सीने पर गोली मारी और गिरफ़्तारी दी 
अंत तक वंदे मातरम कहते हुए देश बचाकर चले गए महात्मा नाथूराम 



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