loading...

जानिए :अंगूर खाना आपकी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है ...

जानिए :अंगूर खाना आपकी  सेहत के लिए  कितना फायदेमंद है ...
Image result for अंगूर खाने
नई दिल्ली : इन दिनों अंगूर का मौसम है. बाज़ार में आसानी से काफी सस्ते दामों में अंगूर मिल जाते हैं. अंगूर एक रसीला फल है जो ज़्यादातर लोगों को पसंद होता है. अंगूर की सबसे अच्छी बात ये है कि दूसरे फलों की तरह इसे काटने और छीलने का झंझट नहीं होगा. आमतौर पर दो तरह के अंगूर भारत में मिलते हैं, काले और हरे अंगूर. अंगूर भले ही किसी भी रंग का खाएं, ये आपकी सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. 
अंगूर प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, सोडियम, फाइबर, विटामिन ए, सी, ई व के, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीशियम, मैंग्नीज, जिंक और आयरन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है. अंगूर खाने से पेट की बीमारियों में राहत मिलती है. अंगूर खाने से कब्ज को दूर किया जा सकता है. वहीं उल्टी आने पर अंगूर पर नमक,काली मिर्च लगाकर खाने से उल्टी आना बंद हो जाती है.
माइग्रेस की समस्या को करता है दूर
अगर आपको माइग्रेन की समस्या है तो आपको अंगूर खाने चाहिए. इससे अंगूर सिरदर्द दर्द से राहत पाई जा सकती है. हो सके तो दर्द होने पर अंगूर का रस पियें, जल्दी फायदा होगा. अंगूर शरीर में खून की कमी को पूरा करता है. इसका कारण है कि इसमें काफी मात्रा में आयरन पाया जाता है. अगर आपको खून की कमी या एनीमिया है तो आपको नियमित रूप से अंगूर खाना चाहिए या अंगूर का रस पीना चाहिए. खून की कमी को दूर करने के लिए एक गिलास अंगूर के जूस में 2 चम्मच शहद मिलकार पीने से खून की कमी दूर हो जाती है.
स्किन पर नैचुरल ग्लो आता है
अंगूर खाने से स्किन पर नैचुरल ग्लो आता है. इससे चेहरे पर होने वाले दाग धब्बों, झुर्रियों से छुटकारा पाया जा सकता है. सुबह-शाम अंगूर खाइए अर्थराइटिस या जोड़ो के दर्द में आराम मिलेगा क्योंकि अंगूर शरीर से उन लवणों को निकाल देता है, जिनके कारण अर्थराइटिस शरीर में बनी रहती है. यदि आप भूख न लगने की समस्या से परेशान हैं और इस वजह से ही आपका वजन भी नहीं बढ़ रहा तो आप ज्यादा से ज्यादा अंगूर खाएं. इसके सेवन से कब्ज की समस्या तो दूर होती ही है, साथ ही भूख भी लगने लग जाती है. अंगूर का रस निकालकर उस रस से गरारे करने से मुंह में होने वाले छालों से राहत पाई जा सकती है.

अगले महीने 12 मई से गोवा होगा दूसरे अंतरराष्ट्रीय फैशन वीक का आयोजन...

अगले महीने 12 मई से गोवा होगा दूसरे अंतरराष्ट्रीय फैशन वीक का आयोजन...
Image result for दूसरे अंतरराष्ट्रीय फैशन वीक
पणजी: भारत और चार दूसरे देशों के प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर 12 मई से गोवा में शुरू हो रहे दूसरे अंतरराष्ट्रीय फैशन वीक ‘आईएफडब्ल्यू’ में अपने कलेक्शन पेश करेंगे.
तीन दिनों के आयोजन में भारत, दुबई ‘यूएई’, मैक्सिको, म्यामां और बांग्लादेश के 24 फैशन डिजाइनर हिस्सा लेंगे.
आईएफडब्ल्यू के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विलियम जेवियर ने कहा, ‘‘यह दूसरा संस्करण है, पहले का आयोजन पिछले साल गोवा में ही हुआ था जिसे फैशन डिजाइनरों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी. इस साल इसका आयोजन 12 और 13 मई को होगा.’’ उन्होंने कहा कि डिजाइनर अपने समर और मॉनसून कलेक्शन पेश करेंगे.
आयोजन में हिस्सा लेने वाले भारतीय डिजाइनरों में श्रवण कुमार, निक रोशन, मोहन गौड़ा, नवीन-प्रदीप, कपिल भाटिया, हेमा मनोहर और अन्य शामिल हैं.


फैशन वीक में सेलीब्रिटी सहित 45 से अधिक मॉडल रैंप पर रैंप वॉक करेंगे.

राशिफल :23 अप्रैल :जानिए तुला राशी वालो के लिए कैसा रहेगा रविवार का दिन...

राशिफल :23 अप्रैल :जानिए तुला राशी वालो के लिए कैसा रहेगा रविवार  का दिन...

Image result for राशिफल

तुला दैनिक राशिफल

Daily
इस समय आपके जीवन में पुराने सम्बन्ध और संपर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं ǀ आपके ऊपर हर जगह बहुत अच्छा कार्य करने का काफी दबाव होगा लेकिन आपको यह समझने की जरुरत है कि ज्यादा दबाव आपके खुद के तय किये हुए बहुत ऊँचे मानकों के कारण है ǀ ईमानदारी और एकाग्रता आपको बहुत आगे ले जायेगी,लेकिन अपने आदर्शों और यकीन पर कायम रहें ǀ

तुला स्वास्थ्य और कल्याण राशिफल

Health & Wellness
आप- पिछले कई दिनों से स्वास्थ्य की एक छोटी सी लेकिन लगातार बनी रहने वाली समस्या से परेशान हो रहे हैं |आज कोई आपकी इस समस्या के लिए आपको कोई वैकल्पिक समाधान सुझाएगा और आप इसे आजमाएंगे |इस बात की काफी संभावना है कि यह तरीका सफल होगा और आपकी वह समस्या दूर हो जायेगी |इससे अआप वैकल्पिक चिकित्सा में अच्छा ख़ासा विश्वास करने लगेंगे और आपके मामले में आक्रामक इलाज से कोई विशेष फायदा होने भी नही वाला |

यह भी पढ़े -अजब -गजब :भारत के 5 रहस्यमय मंदिर, कोई नहीं जान पाया अब तक इनके राज...

तुला प्यार और संबंध राशिफल

Love & Relationship
आप भगवान के द्वारा बनाये हुए अद्वितीय और विशेष है और किसी को आपके बारे में गलत बोलने का अधिकार नहीं है । अगर आप ऐसे महसूस करते है तो सूक्ष्म , कोमलता और शान से अपने कार्यो से अपना जवाब दीजिये । स्थिति में एक मोड़ आएगा । आपका साथी आपको समझेगा । वर्तमान में आपका प्यार परिवेश के कारण व्याकुल है , लेकिन जब कठिन स्थिति आयेगी तो आपके साथी को आपका महत्व पता चलेगा ।

तुला कैरियर और धन राशिफल

Career & Money
आज आपको अपने कार्य करने के लिए विशेष ध्यान देना होगा क्योकि आपके वरिष्ठ अधिकारी बारीकी से आपकी प्रगति को देखेंगे । वे आपके समर्पण भाव और मजबूत नेतृत्व के गुणों से प्रभावित होंगे । आज आपके थोड़े अधिक प्रयासों से आपके करियर को नयी गति मिल सकती है क्योकि आपके वरिष्ठ अधिकारी आपके इन गुणों को ध्यान में रखेंगे ।

जानिए :गर्मियो में कम पानी पीने से होते हैं क्या -क्या नुकसान....

जानिए :गर्मियो में कम पानी पीने से होते हैं क्या -क्या  नुकसान....
Image result for कम पानी पीने से

गर्मियां आते ही शरीर का तापमान कम रखने के अलग-अलग घरेलू नुस्खों की खोज शुरू हो जाती है. मगर कितने भी शीतल पेय हों, पानी के गुण किसी और पेय में नहीं होते हैं. ऐसे में हम बता रहे हैं भरपूर पानी न पीने से होने वाले नुकसान, ताकि आप भी कम पानी पीने की गलती न करें.
1. डिहाइड्रेशन
गर्मियों में दिन में कम-से-कम 15-20 गिलास पानी का सेवन जरूरी है. पानी कम पीने से शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है, जिसे डिहाइड्रेशन कहते हैं. डिहाइड्रेशन के कारण प्यास लगना, मुँह, जीभ और होठों का सूखना जैसी परेशानियां हो सकती हैं.


2. शरीर का तापमान
शरीर में पानी की मात्रा जितनी अधिक होगी, शरीर का तामपान उतना ही कम रहेगा. यह त्वचा और आंतरिक अंगों, दोनों के लिए लाभदायक है.
3. पेट के छाले
पेट के भीतरी हिस्से में म्यूकोसल लाइनिंग होती है, जिसमें 98% पानी और 2% सोडियम बाइकार्बोनेट होता है, जो पाचन प्रक्रिया को सुचारु रखता है और हानिकारक अम्लों से पेट की सुरक्षा करता है. पानी की कमी होन पर हानिकारक अम्ल सक्रिय हो जाते हैं, जिससे पेट के छाले, अपच, सीने में जलन जैसी परेशानी हो सकती है.
4. जोड़ों में दर्द
शरीर के विभिन्न जोड़ एवं अस्थियां कार्टिलेज की मदद से जुड़े होते हैं. कार्टिलेज हड्डियों के बीच घर्षण को रोकता है. इसमें 80 फीसदी पानी होता है. पानी की प्रचुर मात्रा दौड़ने, कूदने, नाचने के दौरान लगने वाले झटकों से हड्डी को किसी भी तरह का नुकसान होने से बचाती है.


5. उम्र से पहले बुढ़ापा
बढ़ती उम्र के साथ हमारे शरीर में पानी की मात्रा कम होने लगती है. ऐसे में हमें थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहना चाहिए.


पपीता लौटाएगा आपके लंबे घने बाल, ऐसे करें इस्तेमाल...

पपीता लौटाएगा आपके लंबे घने बाल, ऐसे करें इस्तेमाल...
Image result for पपीता
अगर आप अपने बालों को लंबा घना और काला बनाने के तरह तरह के तरीके अपनाकर थक चुके हैं तो हम बताते हैं आपको इसका रामबाण इलाज जो आपकी समस्या को खत्म कर देगा.
रूखे और बेजान बाल आपकी खूबसूरती में बट्टा लगा देते हैं. बालों को ठीक करने के लिए आपको किसी कॉस्मेटिक की नहीं बल्कि आपके फ्रीज में पडे़ पपीते को इस्तेमाल में लाने की जरूरत है.
कहा जाता हैं कि पपीते में पपाइन नाम का एक एंजाइम होता है. यह एंजाइम आपके बालों को जडों से मजबूत कर उन्हें लंबा और खूबसूरत बनाता है.
आज हम आपको पपीते से बनने वाले कुछ हैर मास्क बताने जा रहे हैं. इन्हें आप रसोई में मौजूद सामग्री के साथ आसानी से तैयार कर सकते हैं.
पपीता और दही से बनाएं हेयर मास्क- पपीते और दही का यह मास्क आपके बालों को मुलायम बनाएगा. साथ ही सर की खुजली से भी छुटकारा दिलाएगा. इस मास्क को तैयार करने के लिए कटोरी में पपीता डालें फिर उसमें 2 चम्मच दही मिलाएं. दोनों चीजों को मिलाकर एक मुलायम पेस्ट तैयार करें. फिर इस पूरे मास्क को अपने बालों में लगाकर उन्हें एक साफ तौलिए से लपेटें. पैक को बालों में एक घंटे के लिए रहने दें. बाद में अपने बालों को शैंपू से धोएं.
पपीता, नारियल का दूध और शहद - इन तीनों चीजों को मिलाकर बनने वाला मास्क आपके बालों को जड़ों से मजबूत बनाएगा. एक कटोरी में 3 चम्मच पपीता, 1 चम्मच नारियल का दूध और 1 चम्मच शहद दें. इन तीनों चीजों को मिलाकर एक मास्क तैयार करें. मास्क को एक घंटे तक बालों में रहने दें और बाद में शैंपू करके अपने बालों को धो लें. शैंपू के बाद कंडीश्नर भी लगाएं. हफ्ते में एक बार इस मास्क को अपने बालों में लगाएं.
पीता, केला और शहद - अगर आप चाहती हैं कि आपके बाल चमकदार और स्ट्रेट लगे तो पपीते, केले और शहद से बनने वाले इस मास्क को आजमाएं. इसके लिए एक पके केले में 7-8 टुकडे़ पपीते के डालकर मसलें. फिर इसमें 1 चम्मच शहद डालें. इस सारी सामग्री से एक पेस्ट तैयार करें. इस पेस्ट को अपने पूरे बालों में लगाएं. इस पेस्ट को 2-3 घंटों के लिए रहने दें. बाद में अपने बालों को शैंपू से धोएं.
पपीता, नींबू के रस और शहद - खुजली और रूसी से छुटकारा पाने के लिए इस मास्क को सप्ताह में एक बार लगाएं. एक कटोरी में 8-9 टुकडे़ पपीते के लें. इन्हें मसल कर इसमें 2 चम्मच नींबू का रस और 1 चम्मच शहद मिलाएं. इस मिश्रण को अपनी खोपड़ी में लगाएं और हलके हाथों से सर की मालिश करें. मास्क को 1 घंटे के लिए बालों में रहने दें और बाद में शैंपू करें.

यहाँ 90 किलो के इस पत्थर को सिर्फ ऊँगली से उछाल सकते हैं, जानिए क्या है रहष्य........

मंदिर या दरगाह में आए दिन चमत्कार होना आम बात है, लेकिन कई बार कुछ ऐसे चमत्कार होते हैं जिन पे विश्वास करना आसान नहीं होता, यहां तक का आखों देखने पर भी यकीन करना बेहद मुश्किल होता है। अगर हम आपसे पूछे की क्या आप ग्यारह लोग मिलकर अपनी तर्जनी अंगुली (कन्फ्युज हैं तर्जनी अंगुली को लेकर तो गुगल पर सर्च करलें) से 90 kg वजन के पत्थर को अपने सर तक उठा सकते है ? तो शायद आपको जवाब होगा, असंभव। लेकिन पुणे स्थित ‘बाबा हज़रत कमर अली की दरगाह’ में यह चमत्कार आप कर सकते हैं।




हजरत कमर अली दरवेश बाबा की दरगाह


चमत्कारिक हजरत कमर अली दरवेश बाबा की दरगाह पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर स्थित शिवपुर गांव में है। यहां पर आज से 700 वर्ष पूर्व सूफी संत हजरत कमर अली को दफनाया गया था। आपको बता दें हजरत कमर अली एक सूफी थे जिनका निधन मात्र 18 साल की उम्र में हो गया था। उन्हें उनकी मृत्यु के बाद संत की उपाधि से सम्मानित किया गया था।

चमत्कारिक शक्तियां आज भी विधमान


इस दरगाह में सूफी संत की चमत्कारिक शक्तियां आज भी विधमान है। इसका जीता जागता उदाहरण दरगाह परिसर में रखा करीब 90 kg का पत्थर है। इस पत्थर को यदि 11 लोग सूफी संत का नाम लेते हुए अपनी तर्जनी अंगुली (इंडेक्स फिंगर) से उठाते है तो यह पत्थर आसानी से ऊपर उठ जाता है।लेकिन यदि इस पत्थर को दरगाह से बाहर ले जाकर उठाए तो यह टस से मस भी नहीं होता है, फिर चाहे आप कितनी भी ताकत क्यों ना लगा लें।।

दरवेश बाबा का चमत्कार


भक्त लोग इसका कारण दरगाह में आज भी विधमान हजरत कमर अली दरवेश बाबा की शक्तियों को मानते है। इसके अलावा भी इस पत्थर से एक और रहस्य जुड़ा है यदि लोग तर्जनी अंगुली के अलावा कोई दूसरी अंगुली का इस्तेमाल करे या लोगों की संख्या 11 से कम या ज्यादा हो तो भी पत्थर नहीं हिलता है।

सभी धर्म, जाती और समुदाय के लोगो का तांता


इस दरगाह पर साल भर सभी धर्म, जाती और समुदाय के लोगो का तांता लगा रहता है। एक खास बात यह है की अन्य दरगाहों की तरह यहां पर महिलाओं को लेकर कोई बंदिश नहीं है। अन्य धार्मिक स्थलों की तरह यहां भी भक्तों की मान्यता है की यहां मांगी हुई हर मुराद पूरी होती है।

भाई ऐसे थे असली नटवरलाल! इन्होंने तीन बार ताजमहल बेच दिया....

मिस्टर नटवरलाल का नाम सुना है? अरे वो फ़िल्म नहीं असली वाले नटवर लाल। हम बात कर रहे हैं श्री श्री श्री 1008 मिथलेश कुमार श्रीवास्तव जी की। इतनी इज्ज़त इन्हें इसलिए बक्श रहे हैं क्योंकि इन्होंने काम ही इतने महान किए हैं कि चोर भाईलोग इनकी पूजा करते होंगे। इनके बारे में पढ़ने के बाद आप कह सकते हैं कि ये हैं भारतीय चोरों के रोल मॉडल।


मिथलेश कुमार श्रीवास्तव उर्फ़ “नटवरलाल” ने अपनी ज़िन्दगी में कई ऐसे काम किए जिन्हें करने के बारे में एक आम चोर सोच भी नहीं सकता। इन्होंने एक से एक बड़े बिज़नेसमैन को बेवक़ूफ़ बनाया है। ये कई जगहों और लोगों को बेच चुके हैं। इन्होंने कईयों को करोड़ों रुपियों की चपत लगाई है। और तो और ये भागने में बहुत माहिर थे। भाग-मिल्खा-भाग भी इनसे इनसेक्योर होते होंगे। पढ़ लीजिए इनके कारनामे जिन्हें पढ़कर आपको हंसी भी आएगी और आप हैरान भी रह जाएंगे।

1. वकील से ठग तक…

नटवरलाल ने बकायदा वकालत की पढ़ाई की थी और ये एक प्रोफेशनल वकील थे पर ये ठगने के बिज़नेस में इसलिए कूद पड़े क्योंकि अचानक ही इन्हें ये एहसास हुआ कि ये लोगों के दस्तख़त हूबहू कॉपी कर सकते हैं।


2. कभी राष्ट्रपति कभी उद्योगपति


मिथलेश जी ने राजेंद्र प्रसाद और धीरूभाई अम्बानी के नकली साइन करके भी लोगों को ठगा। तो इन्हें बिना किसी ताम-झाम के भारत का राष्ट्रपति बनने का भी सौभाग्य प्राप्त है। इन्होंने लगभग 50 अलग-अलग पहचान बना रखी थीं।

3. ताजमहल बेच डाला


इन्होंने कुछ विदेशियों को ताजमहल बेच दिया। सरकारी कर्मचारी का भेस बनाकर ये कईयों को ठग लेते थे। पर सोचने वाली बात ये है कि वो बेवक़ूफ़ कौन थे जो सोचते थे कि वो किसी देश के स्मारक खरीद सकते हैं?

4. सांसदों को भी बेच दिया

एक बार महानुभाव ने संसद भवन के साथ-साथ उसके सारे सांसदों को भी बेच दिया था। सोचिए जब उन खरीददारों ने इन लोगों को क्लेम किया होगा तो पुलिस वालों का क्या रिएक्शन रहा होगा…

5. 113 साल की सज़ा

श्रीवास्तव जी को 14 केसों में कुल मिलाकर 113 साल की सज़ा सुनाई गई पर ये जितनी बार पकड़े जाते उतनी बार भाग जाते थे। इन्होंने कभी अपनी सज़ा पूरी नहीं की और मुश्किल से 20 साल ही जेल में गुज़ारे वो भी लगातार नहीं।

6. 84 साल की उम्र में मैराथन

ये आखिरी बार 84 साल की उम्र में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पुलिस से चंगुल से निकलकर दनदनाते हुए भाग निकले। आज भी भारत के बुज़ुर्ग इनकी सेहत के राज़ जानने की कोशिश में जुटे हैं।

7. मरने का नाटक…


इनके भाई कहते हैं कि इनका अंतिम संस्कार उन्होंने 1996 में ही कर दिया था। पर नटवरलाल के वकील कहते हैं कि वो 2009 तक ज़िंदा थे। मतलब मरने का नाटक करने में इन्होंने एकता कपूर के सीरियलों को भी पीछे छोड़ दिया?



8. रॉबिनहुड श्रीवास्तव

सीवान, बिहार में अपने गांववालों के लिए ये किसी रॉबिनहुड से कम नहीं थे। जब ये जेल में नहीं होते थे तो ये गांव के गरीबों में अपने पैसे बांट दिया करते थे।


9. मूर्ति लगेगी इनकी

…इनके गांववाले आज भी इनसे बेहद प्यार करते हैं और जल्द ही वहां इनकी एक मूर्ति लगने वाली है। आज से पहले इस देश में किसी ठग की मूर्ति नहीं लगी होगी।


10. बॉलीवुड भी हुआ इंस्पायर


आम लोगों के साथ-साथ अपना बॉलीवुड भी इनसे बहुत इंस्पायर हुआ, मिस्टर नटवरलाल जैसी फ़िल्में इनके ऊपर बनीं और लोगों ने खूब पसंद भी कीं। अमिताभ बच्चन से लेकर इमरान हाशमी जैसे कलाकारों ने भी इनके किरदार को निभाया है।

दुनिया के 10 अजीबोगरीब होटल्स, अाप देखकर हो जाएंगे हैरान!

दुनिया में बहुत कुछ ऐसा है जो विचित्र है, अनूठा है और दर्शनीय है। अब अाप इन होटलों को ही ले लीजिए, जब आप इन्हें देखेंगे तो ये आपको होटल तो किसी भी एंगल से नहीं लगेंगे लेकिन ये हैं होटल ही। इनमें किसी की डिजाइन क्रेन जैसी है तो किसी की टावर जैसी। कोई जहाज की आकृति वाला है तो कोई फुटबॉल जैसा। 

कुल मिला कर ये कि ‘होटल’ शब्द सुनते ही आपके दिमाग में जो छवि उभरती है उससे तो इनमें से कोई भी मेल नहीं खायेगा। तो आइए जरा एक बार देखिए इन तस्वीरों को जिनहे देख कर आप भी धोखा खा जाएंगे।

1. अमरीका (America)



येकोई क्रेन नहीं बल्कि अमरीकी प्रांत फ्लोरिडा के एम्सटर्डम में स्थित ‘दी फ्लोरिडा क्रेन होटल’ है। ख़ास बात ये कि इस होटल में बुकिंग के लिए सिर्फ 3 सूट्स ही उपलब्ध हैं।


2. चीन (China)



ये है चीन का शेरेटन हुजहू हॉट स्प्रिंग रिसॉर्ट जो रात में होने वाले शानदार लाइट शो के लिए प्रसिद्ध है।


3. पार्ट्स माउथ, इंग्लैंड (Parts Mouth, England) 


यूरोप देश में इसे टावर या राडार समझने की भूल मत करीएगा, ये चेक गणराज्य स्थित ‘होटल जेस्टेड’ है।


4. जापान (Japan)



ये है क्योटो (जापान) स्थित होटल 9 आवर्स कैप्सूल होटल जिसमें कैप्सूल जैसे छोटे आकार के हाइटेक रूम्स हैं, जिसमें एक ही व्यक्ति सो सकता है।


5. साउथ कोरिया (South Korea)



ये कोई पानी का जहाज नहीं बल्कि साउथ कोरिया के डोंगहाए सिटी में स्थित सन क्रूज रिजॉर्ट है।


6. ब्रिटिश कोलंबिया (British Columbia)



ये है फ्री स्पिरिट स्फेयर्स जो क्वलिकम बीच, ब्रिटिश कोलंबिया में स्थित होटल है। प्रकृति प्रेमी लोग इस होटल को काफी पसंद करते हैं।



7. अलास्का (Alaska in US State) 


ट्रेन की थीम पर बना ये होटल दी ऑरोरा एक्सप्रेस है जो फयरबैंक्स, अलास्का में स्थित है।



8. अमरीका (America)



ये है विगवाम मोटेल (हॉलब्रूक, एरिजोना)। इन कमरों को तीपी कहते हैं जिसका मतलब होता है ‘छोटा झोपड़ीनुमा कमरा’। यह अमेरिका की मूल संस्कृति से प्रभावित होकर बनाए गए हैं। अमेरिका के फ्रेंक रेडफोर्ड ने 1930 से इसे बनाना शुरू किया था।



9. बेल्जियम (Belgium)



ये घोड़े जैसी दिखने वाली चीज दरअसल होटल ला बिलाडा डेस ग्नोमेस है जो डर्बी, बेल्जियम में स्थित है। विचित्र से दिखने वाले इस होटल में 10 गेस्टरूम्स हैं।



10. कोस्टरिका (Kostrika)



कोस्टरिका के जंगल में एक विंटेज 1965 बोइंग 727 प्लेन में होटल बना दिया गया है। होटल कोस्टा वेरडे के ऑनर्स ने इस एयरक्राफ्ट खरीदकर एन्टोनियो नेशनल पार्क में ले आए और इसे होटल में तब्दील कर दिया। यहां से महासागर और जंगल का शानदार नजारा दिखाई देता है।

दुनिया के सबसे खतरनाक ब्रिजो में से एक, - क्या आप चला चकते है यंहा गाड़ी....

दुनियाभर में कई ऐसे खतरनाक ब्रिज मौजूद हैं, जिनसे गुजरने का मतलब मौत को दावत देने जैसा है। बावजूद इसके, कुछ लोग एडवेंचर की खातिर तो कुछ लोग मजबूरी में सफर के दौरान ऐसे ब्रिज का उपयोग करते हैं। ऐसा ही एक खतरनाक ब्रिज रूस के ट्रांस-बैकाल क्षेत्र में भी है, जिसका नाम कुआनडिंस्की ब्रिज है।



आपको जानकर हैरत होगी कि रूस के विटिम नदी पर बने इस ब्रिज के किनारे कोई रेलिंग मौजूद नहीं है। साथ ही, 570 मीटर लंबे इस ब्रिज की चौड़ाई कई जगहों पर महज 2 मीटर यानी 6.5 फीट ही है। इस कारण से इससे गुजरने के दौरान लोगों की सांसें हलक में अटकी रहती है। बावजूद इसके लोग मजबूरी में इस ब्रिज से गुजरते हैं। हालांकि, एक मामूली-सी गलती से इस पुल को पार करने में किसी की जान भी जा सकती है।



बता दें कि विटिम नदी ठंड के दौरान पूरी तरह से बर्फीली नदी में बदल जाती है। ऐसे में इस ब्रिज से सफर करना और रिस्की हो जाता है, लेकिन लोग कार, जीप और ट्रकों के साथ भी इसे पार करते हैं। 




ये ब्रिज लोहे और पुरानी लकड़ियों से बना है, जो बैकाल-अमूर मेनलाइन से जुड़ता है। हालांकि, सरकार इस रास्ते को आधिकारिक पथ नहीं मानती, इस कारण से पिछले 30 सालों से इसकी मरम्मत भी नहीं हुई है।









देखे वीडियो :- 





Source : odditycentral

17 शक्तिपीठ जिनके दर्शन मात्र से मनोकामना पूरी हो जाती है

1. अर्बुदा देवी

अर्बुदा देवी माउंट आबू (राजस्थान) का एक शक्तिपीठ है जो बेहद पवित्र माना जाता है. अर्बुदा पर्वत पर सती के औंठ/”अधर” गिरे थे. जिसकी वजह से इसे अधर या अरबुदा देवी का घर कहा जाने लगा. अर्बुदा देवी को बारिश देने के लिए माना जाता है. राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्र में बारिश को जीवन और शान्ति हेतु पूजा जाता है. मंदिर आबू की पहाड़ी पर स्थित है जहां पहुंचने के लिए 365 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. यहां की गुफा के भीतर एक चिराग लगातार जलता रहता है और भक्त इस प्रकाश को शक्ति का दर्शन कहते हैं. यहां चैत पूर्णिमा और विजया दशमी पर मेले का आयोजन होता है.


Source: drashokakela


2. कौशिक

अल्मोड़ा से 8 किलोमीटर की दूरी पर काशाय पर्वतों पर स्थित है यह शक्तिपीठ. देश के अलग-अलग इलाकों से दर्शनार्थी यहां पूजा-अर्चना हेतु यहां आते हैं. काठगोदाम रेलवे स्टेशन से आपको यहां पहुंचने के कई साधन मिल जाएंगे


3. हरसिद्धि माता

हरसिद्धि माता की चौकी राजा विक्रमादित्य की मशहूर राजधानी उज्जैन में स्थित है. यह पवित्र स्थान महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के नज़दीक स्थित है. बड़ी दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन हेतु आते हैं. यहां के आस-पास के इलाकों में हरसिद्धि माता के चमत्कार के कई किस्से कहे-सुने जाते हैं.

Source: mithunpal



4. सत् यात्रा

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग से 3 मील की दूरी पर और नर्मदा नदी के तट पर स्थित है यह शक्तिपीठ. इसे सप्तमातृका मंदिर के तौर पर भी जाना जाता है, जिसका अर्थ ब्राम्ही, माहेश्वरी, कौमारी, वैष्णवी, वराही, नरसिंहि और ऐन्द्री होता है. इस तीर्थ स्थल पर इन सभी देवियों के मंदिर हैं. और यहां के प्राकृतिक नज़ारे तो बस आपका मन मोह लेंगे.


5. काली

यह शक्तिपीठ कोलकाता में स्थित है. भागीरथी नदी के तटों पर स्थापित यह मंदिर हावड़ा रेलवे स्टेशन से 5 कि.मी की दूरी पर है. मंदिर के भीतर त्रिनयना, रक्तांबरा, मुंडमालिनि और मुक्ताकेशी की चौकियां स्थापित हैं. पूरे बंगाल में इसे बड़ी श्रद्धा की नज़र से देखा जाता है और इसको लेकर कई चमत्कारिक कहानियां कही सुनी जाती हें. कहा जाता है कि रामकृष्ण परमहंस पर साक्षात मां काली की कृपा थी.

Source: religiousportal



6. गुहेश्वरी

गुहेश्वरी नामक यह अति मशहूर पीठ नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित है. यह शक्तिपीठ बागमती नदी के तट पर पशुपतिनाथ मंदिर के नज़दीक है. मां गुहेश्वरी का नाम पूरे नेपाल में बड़ी श्रद्धा से लिया जाता है. नवरात्र के दौरान नेपाल का राजघराना अपने पूरे परिवार के साथ बागमती नदी में स्नान के पश्चात् यहां दर्शन-पूजन हेतु यहां आता है.

Source: kamakhyabhaktlalbaba



7. कालिका

भगवती कालिका का यह शक्तिपीठ कालका जंक्शन के नज़दीक दिल्ली-शिमला रूट पर स्थित है. कहावत है कि शुम्भ-निशुम्भ से के दुराचारों से परेशान होकर सभी देवता भगवान विष्णु के पास सहायता के लिए तप करने चले गए थे.

जब मां पार्वती ने पूछा कि वे किसकी स्तुति कर रहे हैं, तभी वहां मां पार्वती का एक और रूप प्रकट हुआ और उनके अश्वेत वर्ण की वजह से उसे कालका नाम से जाना गया.


Source: mytaxiindia



8. दुर्गा शक्तिपीठ

मां महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती वाराणसी में त्रिकोणीय शक्ति का केंद्र हैं. इन शक्तिपीठों की स्थापना के साथ ही अलग-अलग कुंडों की भी स्थापना की गई थी, जिसमें से लक्ष्मी कुंड और दुर्गा कुंड आज भी वाराणसी में विद्यमान हैं. 

इन शक्तिपीठों के अलावा वाराणसी में नवदुर्गा अर्थात् शैलपुत्री, ब्रम्हचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंद माता, कात्यायनी, काल रात्रि, महागौरी और सिद्धि रात्रि भी विराजमान हैं.

इन सारे चौकियों की व्याख्या शब्दों में करना बड़ा मुश्किल है, और पूरी दुनिया से श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन हेतु यहां आते हैं.


Source: pinterest



9. विद्धेश्वरी पीठ

यह पुरातन मंदिर हिमाचल प्रदेश राज्य के कांगड़ा में स्थित है. कांगड़ा रेलवे स्टेशन पठानकोट और योगिन्दरनगर के बीच मेन रूट पर पड़ता है.

इस मंदिर को प्रमुख शक्तिपीठों में शुमार किया जाता है, और यदि पुराणों को माना जाए तो यहां माता सती का सिर गिरा था. इस मंदिर में मां सती की सिरनुमा प्रतिमा स्थापित है एवं इसके ऊपर सोने का छाता लगा हुआ है. इसके दर्शन हेतु पूरी दुनिया से श्रद्धालु यहां आते हैं. यहां मंदिर परिसर में एक कुंड भी स्थित है.


10. महालक्ष्मी पीठ

मां महालक्ष्मी की यह चौकी कोल्हापुर में स्थित है, जहां किसी जमाने में शिवाजी के वंशज राज किया करते थे. अगर देवी भागवत और मत्स्य पुराण की मानें तो यह पवित्रतम पूजन स्थल है. पूरे महाराष्ट्र में इससे पवित्र स्थल कोई नहीं है, जहां पूरे देश से लाखो श्रद्धालु पूजन हेतु आते हैं.

Source: kolhapurtourism



11. योगमाया

योगमाया मंदिर कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से 15 मील की दूरी पर स्थापित है, जिसे क्षीर भवानी योगमाया मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. 

यह मंदिर एक द्वीप पर है जो चारो तरफ पानी से घिरा है. और यहां के पानी का बदलता रंग आपकी इच्छा और कामना के पूरे होने की कहानी कहता है. जेठ मास में यहां एक बहुत बड़ा मेला लगता है.



12. अम्बा देवी

अम्बा देवी का यह मंदिर जूनागढ़ के गिरनार पहाड़ियों पर स्थित है. यह मंदिर काफ़ी ऊंचाई पर स्थित है. यहां तक पहुंचने के लिए 6000 सीढ़ियां और तीन चोटियां चढ़नी पड़ती हैं. 

यहां तीनों चोटियों पर अलग-अलग मां अम्बा देवी, गोरक्षानाथ और दत्तात्रेय के मंदिर स्थापित हैं. घने जंगलों के बीच मां अम्बा की यह विशाल प्रतिमा और मंदिर अद्भुत नज़ारे प्रस्तुत करता है. यहां की एक गुफा में मां काली का मंदिर स्थापित किया गया है, जहां भक्तों का तांता लगा रहता है.


Source: aboutomkaar

13. कामाख्या पीठ

यह अतिप्रसिद्ध और सिद्ध शक्तिपीठ आसाम में गुवाहाटी से 2 मील की दूरी पर स्थित है. कालिका-पुराण के अनुसार यहां मां सती का यौनांग गिरा था. इस पवित्र स्थल को “योनि-पीठ” के तौर पर जाना जाता है जो गुफा के भीतर स्थापित है. यहां एक कुंड भी स्थित है, जिसमें फूलों की भरमार है. इसे महाक्षेत्र के नाम से जाना जाता है. माना जाता है कि मां भगवती को यहां मासिक धर्म की वजह से रक्तस्त्राव होता है और यह मंदिर इस दौरान बंद रहता है. यहां से 16 कि.मी की दूरी पर प्रसिद्ध “कामरूप” मंदिर स्थित है. इस इलाके में रहने वाली औरतों के मोहपाश में बांधने के किस्से दूर-दूर तक कहे सुनाए जाते हैं.


Source: religiousportal



14. भवानी पीठ

यह पवित्र पूजन स्थल चित्तागौंग से 24 मील की दूरी पर स्थित है जिसे सीताकुंड के नाम से भी जाना जाता है. यह प्रसिद्ध भवानी मंदिर नज़दीक चंद्रशेखर पर्वतों के ऊपरी भाग में स्थित है. यहां “वाराव” नाम का एक कुंड स्थित है. और यहीं नज़दीक में एक कभी न बुझने वाली ज्योति प्रज्वलित रहती है.


Source: 51shaktipeethcircuit



15. कालिका पीठ

मां काली के मंदिर के तौर पर फेमस यह बेहद प्राचीन सिद्धपीठ ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ में स्थित है. यहां मंदिर के स्तंभों में आकृतियां उभारी गयी हैं और यहां एक कभी न बुझने वाला दीप भी प्रज्वलित रहता है. 

इस किला परिसर में तुलजा भवानी और माता अन्नपूर्णा के भी मंदिर स्थापित हैं.


Source: rextours



16. चिंतपूर्णी

होशियारपुर से 30 कि.मी की दूरी पर मां चिंतपूर्णी को समर्पित यह पीठ पर्वतीय इलाकों में अद्भुत छटा बिखेरता है. कांगड़ा घाटियों में स्थित मां चिंतपूर्णी, मां ज्वालामुखी और मां विद्धेश्वरी के रूप मं स्थापित यह तीनों केंद्र हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचते हैं. अब बाद बाकी आप जाइए और मां के दर्शन कर आइए.

Source: honeymoonpackagesdeals



17. मां विन्ध्यवासिनी

उत्तरप्रदेश के चुनार रेलवे स्टेशन से 2 मील की दूरी पर स्थित यह मंदिर विन्ध्य पर्वत श्रृंखला पर स्थित है. यहां मंदिर का प्रवेश द्वार बड़ा ही संकरा है जैसे कोई खिड़की हो. यहां पूरे उत्तर भारत के लोगों के साथ-साथ कई जानी मानी हस्तियां दर्शन हेतु यहां आती हैं. यहां का दृश्य बड़ा ही मनोरम है. यहां आने वाले श्रद्धालु बताते हैं कि उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.


Source: balajitourtravel